शनिवार, अप्रैल 23, 2005

ब्रह्मांड का पहले का रूप

वैज्ञानिकों के अनुसार पहले के वर्षों में ब्रह्मांड कुछ कुछ द्रव के जैसा था। अमेरिका स्थित ब्रूकहोवन प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने स्वर्ण कणों को लगभग प्रकाश की गति पर चलाकर उनको आपस में टकराया और पाया कि यद्यपि ये टकराव बहुत कम आयतन में होता है, फिर भी इससे इतनी ऊर्जा पैदा होती है कि परमाणु की नाभि के प्रोटॉन और न्यूट्रान जैसे कण पिघल जाते हैं और यहां तक कि क्वार्क और ग्लुऑन जैसे छोटे कण भी मस्त मौला होकर घूमते हैं और द्रव के समान व्यवहार करते हैं। वैज्ञानिक इन परिस्थितियों को ब्रह्मांड की शुरुआत से जोड़कर देख रहे हैं। पूरी जानकारी के लिये यहां पढ़ें।