रविवार, मार्च 13, 2005

ग्लेशियर पिघल रहे हैं

अब गर्मी से हिमनाद यानी ग्लेशियर भी अछूते नहीं है, पिघल रहे हैं जम कर और इसका खामियाज़ा भुगतेंगे भारत, चीन और नेपाल मुखय रूप से। क्या वैज्ञानिक तरक्की है इन देशों कि प्रकृति को भी नहीं छोड़ा। पश्चिम वाले तो हमसे ज़्यादा जागरूक हैं इस दिशा में। जब नदियों में पानी ही नहीं बचेगा तो बेचारे किसान और उसकी खेती का क्या होगा और फिर जो हम सस्ता अनाज खाते हैं उसका क्या होगा?