सूमो चूहे और मोटापे का इलाज
भारत के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान (National Institute of Nutrition)) के कुछ वैज्ञानिक बहुत मोटे चूहों को पाल रहे हैं जिनका वजन लगभग ९०० ग्राम से लेकर १ किलो तक है। और सबसे मोटा चूहा तो १.४ किलो का है जो एक साधारण चूहे के वजन से ४ गुना ज़्यादा है। इन चूहों का भोजन होता है गेहूं, भुना चना और दूध युक्त जो कि प्रोटीन युक्त है और ये काफ़ी खाते भी हैं।
अब आप ये सोच कर चकरा रहे होंगे कि भाई ये क्या माजरा है। बात ये है कि इन चूहों में एक ऐसा जीन हो सकता है जो कि मोटापे के इलाज के लिये बहुत कारगर साबित हो सकता है। १९९४ में न्यूयार्क की रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने जेफरी फ्रीडमैन के नेतृत्व में लेप्टीन प्रोटीन नामक एक जीन की खोज की थी जिसका मोटापे की बीमारी से सम्बन्ध है। लेप्टीन प्रोटीन वसा कोशिकाओं से निकलने वाला एक हार्मोन है। डॉ. फ्रीडमैन का कहना है कि अगर मोटे चूहों पर लेप्टीन प्रोटीनयुक्त इंजेक्शन लगाया जाता है तो उनका वज़न 30 प्रतिशत कम होता है। हालांकि भारत के सूमो चूहों पर लेप्टीन प्रोटीन का कोई असर नहीं पड़ा है यानी कोई और जीन भी है जो मोटापे के लिए ज़िम्मेदार है।
विस्तृत जानकारी के लिये यहां पढ़ें।


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